बियर हिस्टरी-History of Beer In Hindi

beer

9000 वर्ष ईसापूर्व तक इसका उल्लेख मिलता है, प्राचीन यूनान और मेसोपोटामिया के लिखित इतिहास में भी यह दर्ज है. चावल से बना बियर, जिसमें शायद प्रयोजन के लिहाज से पद्धति का प्रयोग नहीं किया गया, बल्कि संभवतः चर्वण अथवा यव्य की खमीर बनाने की प्रक्रिया का प्रयोग चीन में 7000 वर्ष ईसा पूर्व के आसपास किया जाता था. बियर के बारे में विदित प्राचीनतम रासायनिक प्रमाण लगभग 3500 – 3100 ईसापूर्व के समय गोदीन तेपे में पश्चिमी ईरान के जाग्रोस पहाड़ों के इलांकों से मिलता है.3000 वर्ष ईसापूर्व से लेकर यूरोप की जर्मन और केल्टिक जनजातियों में बियर फैली हुई थी औद्योगिक क्रांति से पूर्व बियर का उत्पादन होता था और घरेलू स्तर पर इसका बनना और बिकना जारी रहा, हालांकि सातवीं सदी के आसपास, यूरोपीय मठों द्वारा बियर का उत्पादन और विक्रय हुआ करता था. शराब बनाने का उद्योग एक वैश्विक व्यापार है, जिसमें कई प्रभावशाली बहुराष्ट्रीय कम्पनियां तथा हजारों की संस्था में छोटे-छोटे निर्माता किण्डवन कर्मशालाओं से लेकर आंचलिक शराब की भट्ठियां तक शामिल हैं. बियर अधिकतर जल से ही बनता है. खनिज पदार्थों वाले घटकों के सतह जल वाले क्षेत्रों के परिणाम स्वरूप विभिन्न जल मूलतः ख़ास किस्म के बियर बनाने के लिए बेहतर अनुकूल होते हैं, इस प्रकार उस बियर को विशिष्ट क्षेत्रीय दर्जा प्रदान करती है. हाल-फ़िलहाल के वर्षों में कुछ मद्यनिर्माताओं नें चारे से बने लसहीन बियर का निर्माण किया है जिसमें यवसार का इस्तेमाल उनकें नहीं होता जो लसदार अनाज जैसे कि जौ, गेहूं, जौ और राई को हजम नहीं कर सकते। जब बियर किण्वित हो जाता है, इसे बड़े-बड़े पीयों या कनस्तरों, एल्यूमिनियम के डिब्बों अथवा कुछ अन्य प्रकार के बियरों के लिए बने बोतलों में भर दिया जाता है. चावल या चीनी के साथ सहायक के मिश्रण का उपयोग खासकर कम लागत वाले यव-रस को विकल्प के रूप में किया जा सकता है. 20वीं सदी के बाद के वर्षों में बियर्स की शक्ति ऊपर की ओर उठ गई है.

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