पुरुषों के लिए यौनिक स्वास्थ्य-Sexual Health For Men In Hindi

sexual-health-tips-for-men

इस बात पर गौर करना जरूरी है कि स्वस्थ यौनिकता से महज जननांग का संपर्क ही नहीं बल्कि जोश, स्नेहशीलता और प्रेम जुड़ा होता है। फिर भी, पक्षाघात के बाद उन्नत शिश्न और कामोन्माद शीर्ष महत्व के मुद्दे होते हैं। सामान्यत: पुरुषों में दो प्रकार का स्तंभन होता है। साइकोजेनिक स्तंभन प्रुरिएंट दृश्यों या विचारों से उत्पन्न होता है और पक्षाघात के स्तर एवं हद पर निर्भर करता है। पक्षाघात के बाद कामोन्माद कुछ पुरुषों के लिए संभव है लेकिन यह अक्सर वैसा नहीं होता जैसा कि प्राय: परिभाषित होता है। यह कम दैहिक, जननांगों पर कम केंद्रित और मन की स्थिति अधिक बन सकता है। यह जानना जरूरी है कि उत्तेजना यौनिकता की हानि को असंभव नहीं बनाती। जहां पक्षाघात वाले अनेक पुरुष अभी भी ”स्तंभन प्राप्त” करते हैं पर स्तंभन सहवास के लिए पर्याप्त कठोर या लंबे समय तक चलने वाला नहीं होता। शिश्न का स्तंभन रुक जाने (ईडी) का उपचार करने के लिए असंख्य उपचार (गोलियां, टैबलेट, सुई और रोपण) उपलब्ध हैं। मेडिकेटेड मूत्रमार्गीय सपोजिटरि एक और विकल्प होता है। ड्रग पेलेट (एलप्रोस्टैडिल वाली) मूत्रमार्ग में रखी जाती है, जिससे रक्त नलिकाएं ढीली पड़ जाती हैं और लिंग को रक्त से भर देती हैं। यह 30 से 40 प्रतिशत उन पुरुषों के लिए एक विकल्प हो सकता है जिन पर वियाग्रा असर नहीं करती। जनन-अक्षमता से परेशान कुछ युगलों ने महिला को गर्भवती बनाने के लिए दाता शुक्राणु (शुक्राणु बैंक से) का सफलतापूर्वक प्रयोग किया है। हो सकता है कि दंपति बच्चों को गोद लेने के उपलब्ध सराहनीय विकल्प को आजमाना चाहें। जहां यह कहा जाता है कि सबसे बड़ा यौन अंग मस्तिष्क होता है वहीं अपने यौन व्यक्तित्व में बड़े समायोजन करना हमेशा आसान नहीं होता। पक्षाघात के बाद स्वस्थ रिश्ते बनाने या बनाये रखने को लेकर भय या चिंता की अनुभूतियों से पार पाने के लिए पेशेवर सलाह आवश्यक हो सकती है।

Don't be shellfish...FacebookGoogle+TwitterEmail

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>