मेंहदी के पत्‍तों के लाभ-Henna Benefits In HINDI

इसका इस्‍तेमाल कॉस्‍मेटिक के तरीके से भी किया जाता है। बालों को कलर करने या उन्‍हे कंडीशनर करने में भी मेंहदी का उपयोग किया जाता है।
मेंहदी को हर जगह अलग नाम से पुकारते है, कहीं इसे मेंहदी कहते है और कहीं इसे हिना कहा जाता है। यह एक आयुर्वेदिक जड़ी – बूटी है। भारतीय महिलाएं, शादियों और उत्‍सवों के दौरान इसे अपने हाथों पर कई डिजायन के रूप में सजाती है। मेंहदी को भारतीय समाज में काफी पवित्र माना जाता है और महिलाएं इसे सुहागिन का श्रृंगार मानती है। मेंहदी से दो रंग आते है – भूरा या काला। इसीकारण, इसे हाथों के अलावा बाल काले करने के काम में भी लाया जाता है।


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मेंहदी की पत्तियां ही नहीं बल्कि मेंहदी का पाउडर भी काफी गुणकारी होता है। कई धार्मिक रिवाजों और पूजाओं में मेंहदी को रखना आवश्‍यक होता है। आर्युवेद में भी मेंहदी को उत्‍तम माना गया है। इसलिए, आगे से बालों में डाई नहीं मेंहदी लगाएं और ठंडक के लिए भी मेंहदी का इस्‍तेमाल करें, सस्‍ती और अच्‍छी दवा है। इसका कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता है। मेंहदी के और भी उपयोग होते है।
आइए जानते है कि मेंहदी की पत्तियों के पाउडर, पेस्‍ट के क्‍या – क्‍या और अन्‍य लाभ है। इन सभी लाभों के बारे में विस्‍तारपूर्वक यहां पढि़एं :


1) ठंडक पहुंचाएं मेंहदी बहुत ठंडी होती है जिसके कारण इसमें कई गुण समाएं रहते है। शरीर में कहीं दर्द या जलन होने पर इसे लगा सकते है। सूजन वाली जगह भी इसे पीसकर लगाएं। हिना की पत्तियां, शरीर से गर्मी को दूर भगाती है। अगर आप पैरों में मेंहदी का लगाएं तो आपको गर्मी या लू नहीं लगेगी। यह काफी प्रभावशाली होती है।


2) बालों को अच्‍छा बनाएं : मेंहदी की पि‍सी पत्तियां, बालों में कंडीशनर का काम करती है। इन्‍हे लगाने से बालों में चमक आती है। बालों में हल्‍का रंग भी इसे लगाने से आता है जो काफी लम्‍बे समय तक चढ़ा रहता है।


3) जलन शांत करें : अगर कहीं चोट लगा जाये या जल जाएं तो मेंहदी की पत्तियां पीसकर लगाने से राहत मिलती है। इसमें ठंडक होती है जिसके कारण जलन शांत हो जाती है। त्‍वचा की जलन सबसे अच्‍छी तरह से मेंहदी से ही ठीक होती है।


4) दर्द से राहत दिलाएं : मेंहदी में ठंडक होती है जिसके कारण इसे पीसकर लगाने से दर्द में राहत मिलती है। अगर सिर में दर्द हो रहा हो, तो मेंहदी की पत्तियों को पीसकर लगा लें। इससे दर्द से तुंरत राहत मिल जाएगी। मेंहदी में माइग्रेन के दर्द को ठीक करने की क्षमता होती है। तो अगली बार से दर्द होने पर एस्प्रिन न खाएं बल्कि मेंहदी की पत्तियों को लगाकर देखें।


5) पेट की बीमारी में आरामदायक : मेंहदी में ऐसे गुण होते है जिनसे पेट में होने वाली बीमारी में भी राहत मिलती है। मेंहदी से पीलिया की बीमारी में भी आराम मिलता है। अगर कोई पीत ज्‍वर से ग्रसित है तो उसे भी मेंहदी की पत्तियों से लाभ मिलता है। आर्युवेद में मेंहदी को कई तरीके से बनाकर पेट की बीमारियों की दवा में शामिल किया जाता है। इसे सेवन से किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्‍ट नहीं होता है और न ही बीमारी बढ़ती है।


6) एंटी – टीबी मेंहदी में टीबी जैसी घातक बीमारी को दूर भगाने के गुण होते है। इसकी पत्तियों को पीसकर इस्‍तेमाल करने से टीबी की बीमारी में राहत मिलती है लेकिन ऐसा करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह अवश्‍य लें।

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