रतन नवल टाटा – Ratan Naval Tata in hindi

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रतन नवल टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937, को मुम्बई में हुवा.रतन नवल टाटा “टाटा समुह” के वर्तमान अध्यक्ष, जो भारत की सबसे बड़ी व्यापारिक समूह है, जिसकी स्थापना जमशेदजी टाटा ने की और उनके परिवार की पीढियों ने इसका विस्तार किया और इसे दृढ़ बनाया.
रतन का बचपन बहुत खराब था. उनके माता पिता 1940 दशक के मध्य में अलग हुये.जब वे सात साल के थे और उनके छोटे भाई जिमी पाँच साल का था. उन्होंने कैंपियन स्कूल, मुंबई में स्कूली और वास्तुकला और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में एक डिग्री के साथ 1962 में कार्नेल विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त कर ली.
सन् 1887 में टाटा एंड संस की स्थापना करने वाले जमशेदजी नुसेरवांजी के बड़े बेटे सर दोराबजी टाटा सन् 1904 में अपने पिता के निधन के बाद कंपनी की कमान संभाली. लेकिन 1932 में वो भी परलोक सिधार गये. लेकिन उस समय कंपनी को संभालने वाला कोई नहीं था, क्योंकि सर दोराबजी टाटा की कोई संतान नहीं थी. इसलिए इस बार कंपनी की कमान उनकी बहन के बड़े बेटे सर नॉवरोजी सकटवाला को दे दी गयी.
लेकिन सर नॉवरोजी सकटवाला की 1938 में अक्समात मृत्यु हो जाने के बाद जेआरडी टाटा को टाटा ग्रुप सौंपा गया. यहां आपको बता दें कि जेआरडी टाटा जमशेदजी टाटा के चचेरे भाई के बेटे थे. जिन्होंने भारत को पहली एयरलाइंस सुविधा मुहैया करायी. लेकिन अफसोस जेरआरडी टाटा की भी कोई औलाद नहीं थी. इसलिए 1991 में कंपनी की कमान रतन टाटा को सौंपी गयी. यहां आपको बता दें कि रतन टाटा नवल टाटा के बेटे थे, जिन्हें जमशेद जी ने गोद लिया था. उसके बाद तस्वीर आपके सामने है, क्योंकि रतन टाटा के बाद टाटा ग्रुप का अगले वारिस सायरस मिस्त्री हैं. आपको बता दें कि सायरस मिस्त्री रतन टाटा के सौतेले भाई के सगे साले हैं.

रतन का बचपन बहुत खराब था. उनके माता पिता 1940 दशक के मध्य में अलग हुये.जब वे सात साल के थे और उनके छोटे भाई जिमी पाँच साल का था. उन्होंने कैंपियन स्कूल, मुंबई में स्कूली और वास्तुकला और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में एक डिग्री के साथ 1962 में कार्नेल विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त कर ली.
नई दिल्ली में ऑटो एक्सपो में 10 जनवरी, २००८ को टाटा नैनो इस कार का उदघाटन कर के उन्होंने अपने सपने को पूर्ण किया. टाटा नैनो के तीन मॉडलों की घोषणा की गई, और रतन टाटा ने सिर्फ़ १ लाख रूपये की कीमत की कार बाजार को देने का वादा पूरा किया, साथ ही इस कीमत पर कार उपल्बध कराने के अपने वादे का हवाला देते हुये कहा “वादा एक वादा है”.
26 मार्च २००८ को रतन टाटा के अधीन टाटा मोटर्स ने फोर्ड मोटर कंपनी से जगुआर और लैंड रोवर को खरीद लिया. ब्रिटिश विलासिता की प्रतीक, जगुआर और लैंड रोवर (Land Rover) १.१५ अरब पाउंड ( $ २.३ अरब ), में खरीदी गई.

पुरस्कार:-

# भारत के ५०वे गणतंत्र दिवस समारोह पर 26 January 2000, रतन टाटा को तीसरे नागरिक अलंकरण पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.
# उन्हें 26 January 2008 भारत के दुसरे सर्वोच्च नागरिक अलंकरण पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.
# उन्हें हाल ही में लन्दन स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स (London School of Economics) से मानद डॉक्टरेट की उपाधि हासिल हुई.
# मई 2008 में टाटा को टाइम पत्रिका की 2008 की विश्व के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया.

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