फ्री लैपटॉप टैबलेट ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर के बारे में।-Free laptop tracking on the tablet and software in hindi

कुछ फ्री सॉफ्टवेयरों और कुछ ऑनलाइन सेवाओं ने खोए लैपटॉप्स तक पहुंचना संभव बना दिया है नीचे मै कुछ फ्री लैपटॉप टैबलेट ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर एंव उनके डाउन लोड लिंक के बारे में जानकारी दे रहा

TrackMyLaptop नाम की सेवा खालिस हिन्दुस्तानी है, पूरी तरह फ्री है और एक भारतीय एंटी वायरस कंपनी की तरफ से संचालित है। इसका मकसद ग्राहकों के साथ दूसरे लैपटॉप यूजर्स और पुलिस की मदद करना है। यह वेबसाइट चुराए गए लैपटॉप्स पर नजर रखती है और ग्राहकों तथा पुलिस को चुस्ती से खबर करती है।अगर आपने Quick Heal का एंटी-वायरस खरीदा है तो इस वेबसाइट पर लैपटॉप की जरूरी जानकारी के साथ रजिस्टर कर दीजिए और बेफिक्र हो जाइए। यहां लैपटॉप के मैक एड्रेस का रिकॉर्ड रखा जाता है। लैपटॉप खोने के बाद जब भी यूजर इंटरनेट से कनेक्ट करता है तो यूजर के स्थान की जानकारी रजिस्टर्ड यूजर को भेज दी जाती है।मैक एड्रेस आपके लैपटॉप की पहचान का एक खास संकेत है। यह हर कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट आदि में होता है। दुनिया में कोई भी दो मैक एड्रेस एक से नहीं होते। यानी लैपटॉप का अपना, निजी डिजिटल पहचान पत्र। कंप्यूटर में लगे नेटवर्क कार्ड, वायरलैस कार्ड वगैरह के भी मैक एड्रेस होते हैं।जिन लोगों ने Quick Heal एंटी-वायरस नहीं खरीदा, वे भी इस वेबसाइट से फायदा उठा सकते हैं। Quick Heal यूजर्स को लैपटॉप के मैक एड्रेस ढूंढ़ने की मशक्कत नहीं उठाता, क्योंकि यह काम एंटी-वायरस खुद ही कर देता है। लेकिन दूसरे यूजर्स को रजिस्ट्रेशन के समय ये एड्रेस खुद बताना होंगे। वायरलैस और नेटवर्क कार्ड के मैक एड्रेस खास तौर पर अहमियत रखते हैं। यहां लैपटॉप के मैक एड्रेस जान सकते हैं। अगर आप सेकेंड हैंड लैपटॉप खरीद रहे हैं तो बेहतर होगा कि पहले इस वेबसाइट पर मौजूद चोरी किए गए लैपटॉप्स के डाटा में जरूर देख लें। ऐसा न हो कि आप चुराया गया लैपटॉप खरीद रहे हों। यह साइट पुलिस के लिए भी उपयोगी है। वे लैपटॉप के मालिक का पता लगाने में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, बशर्ते मालिक ने यहां रजिस्टर किया हो.

Trac

प्रे (Prey): इस फ्री सॉफ्टवेयर को इन्स्टॉल करने का मतलब है आपके लैपटॉप में आपका छोटा सा एजेंट इन्स्टॉल करना, जो सब कुछ देखता रहता है, लेकिन तब तक सक्रिय नहीं होता जब तक कि उसे अपने मालिक का रिमोट सिग्नल नहीं मिल जाता। लैपटॉप खो जाने पर यह ईमेल या एसएमएस संदेश के जरिए उसकी लोकेशन, हार्डवेयर और नेटवर्क स्टेटस की निगरानी रखता है। सारे सबूत इकट्ठे करने के साथ डेटा डिलीट करने की सुविधा भी देता है।

Adeona

(Adeona)प्रे की तरह यह भी फ्री, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर है, जो एक बार इन्स्टॉल होने के बाद इंटरनेट पर मौजूद अपने सर्वर पर बीच-बीच में लैपटॉप की लोकेशन का ब्यौरा भेजता रहता है। ये सूचनाएं सर्वर पर एक हफ्ते तक रखी जाती हैं। लैपटॉप खो जाने पर वेबसाइट के जरिए इस सर्वर पर रखा डेटा देखा जा सकता है। जैसे- आखिरी बार आपका लैपटॉप किस जगह पर देखा गया था, वह किस आईपी एड्रेस के जरिए इंटरनेट से कनेक्ट हुआ था।

laptop

(Laptop Cop): इसके लिए आपको ढाई हजार से कुछ ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। यह जियोलोकेशन के जरिए लैपटॉप पर नजर रखता है। उसकी फाइलों को डिलीट या रिकवर कर सकता है। गुम हुए लैपटॉप की हर गतिविधि नोट करता रहता है। कीबोर्ड पर टाइप की जाने वाली हर कुंजी को रिकॉर्ड कर भेजता रहता है। जाहिर है, अपराधी के ईमेल एड्रेस आदि की जानकारी आप तक पहुंच जाती है।

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