कम्यूटर वायरस – Computer Virus in Hindi

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“कम्यूटर वायरस एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी दुर्भावना से ग्रसित हो कर बनाये जाते हैं, जिसका उद्देश्य कम्प्युटर एवं उसमें स्थित महत्वपूर्ण जानकारी को क्षति पहुंचाना होता है.” कम्प्युटर वायरस में ख़ुद की पुनरावृत्ति करने की अनोखी क्षमता होती है, ये कम्प्युटर के हर संचालन स्थान पर अपनी प्रतिलिपि छोड़ उन्हें भी संक्रमित कर देते है, यदि किसी वायरस संक्रमित कम्यूटर में फ्लॉपी डिस्क या पेन ड्राइव जोड़ते हैं तो कम्प्युटर वायरस उनपर अपनी प्रतिलिपि बना कर उन्हें भी संक्रमित कर देता है. फिर जब भी ये संक्रमित फ्लॉपी या पेन ड्राइव जिस भी कम्प्युटर से जोड़े जाते हैं वह भी संक्रमित हो जाता है. इसके अलावा आज इन्टरनेट और ई-मेल के चलन से वायरस का प्रसार तुंरत एवं तीव्र गति से हो रहा है. कम्प्युटर वायरस कम्प्युटर संजाल (Computer Network) की सहायता से उस संजाल से जुड़े सभी कम्प्युटर में आसानी से फैल जाते है. वायरस की यही कार्य-प्रणाली है, इसी प्रकार वायरस अपना प्रसार करते रहते है और देखते ही देखते विश्व भर के कम्प्युटर को संक्रमित कर उन्हें नुकसान पहुंचाते रहते हैं.
कम्प्युटर वायरस कार्य-पद्धति एवं नुकसान पहुँचाने के आधार पर कई तरह के होते हैं इनमें मुख्य हैं –

1) ट्रॉजन अश्व (Trojan Horse):
2) मैलवेयर (Malware):
3) ऐडवेयर (Adware):
4) स्पायवेयर (Spyware):

कभी-कभी फेसबुक में या फिर आपकी मेल पर कोई ऐसा लिंक आया है जिसमें क्लिक करते ही आपको पीसी बंद हो गया हो या फिर आपके लैपटॉप की स्‍पीड कम हो गई हो अगर हां तो यानी उस लिंक में कंप्‍यूटर वॉयरस था. ऐसा अक्‍सर कई लोगों के साथ होता है जाने अंजाने में हम कभी कभी ऐसे लिंक पर क्लिक कर देते हैं जिसके बारे में हमे कुछ पता नहीं होता. इसलिए जब भी आपको कभी शक हो कि इस लिंक में कुछ गड़बड़ है तो सबसे पहले उसे जांच लें.

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