क्रिप्टोग्राफी -Cryptography

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जिटल युग में डाटा और इनफॉर्मेशन को सुरक्षित और सहेज कर कंप्यूटर या किसी स्टोरज मीडिया में रखना एक बड़ी चुनौती है. डिजिटल डाटा की सुरक्षा वक्त की मांग है और इसके लिए कई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है. इसी में एक है क्रिप्टोग्राफी. यह तकनीक कूट संदेशों के इर्द-गिर्द काम करती है. इसमें कंप्यूटर साइंस, मैथेमेटिक्स और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के विभिन्न एप्लीकेशंस और मेथड्स का उपयोग किया जाता है. क्रिप्टोग्राफी सक्षम एक प्रेषक और एक या अधिक प्राप्तकर्ता के बीच सुरक्षित संचार का विज्ञान है. यह एक संदेश प्रेषक (एक कंप्यूटर प्रोग्राम और एक गुप्त कुंजी के साथ) और पांव मार प्राप्तकर्ता संदेश (एक ही कंप्यूटर प्रोग्राम और एक कुंजी है, जो हो सकता है या प्रेषक के प्रमुख के रूप में ही नहीं हो सकता है के साथ) खोलना छोड़ने के द्वारा हासिल की है .

गुप्त / सममित कुंजी क्रिप्टोग्राफी और सार्वजनिक कुंजी क्रिप्टोग्राफी क्रिप्टोग्राफी के दो प्रकार हैं: क्रिप्टोग्राफी का डेटा गोपनीयता पर जोर दिया है, डेटा अखंडता, प्रेषक प्रमाणीकरण, और / मूल डेटा जवाबदेही के गैर परित्याग.

एन्क्रिप्शन क्या है?

एन्क्रिप्शन कुछ अपठनीय रूप में पठनीय रूप से जानकारी के परिवर्तन है. प्लेन टेक्स्ट या ऑरिजिनल टेक्स्ट को सीफर टेक्स्ट (keys) में परिवर्तित करने की विधि को इनक्रिप्शन कहा जाता है. सीफर टेक्स्ट को वापस प्लेन टेक्स्ट में बदला जाता है, ताकि मैसेज प्राप्तकर्ता इसे पढ़ कर समझ सके. तब इस प्रक्रिया को डिक्रिप्शन कहते हैं. यहां सीफर टेक्स्ट से तात्पर्य कूट भाषा में लिखा मैसेज है.

डिक्रिप्शन क्या है?

क्रिप्ट एनालिसिस के जरिये कूट संदेशों का विश्लेषण किया जाता है, ताकि इनक्रिप्टेड मैसेज के अर्थ को कीज का उपयोग किये बिना ही समझा जा सके. कंप्यूटर नेटवर्क या इंटरनेट के जरिये जितने भी गोपनीय और महत्वपूर्ण संदेशों को ट्रांसफर किया जाता है, अमूमन सभी में क्रिप्टोग्राफी तकनीक का उपयोग होता है. कंप्यूटिंग वल्र्ड में क्रिप्टोग्राफी काफी प्रचलित टर्म है, जिसका अर्थ होता है सीक्रेट राइटिंग. इसके द्वारा हम मैसेज को कोर्ड भाषा में परिवर्तित कर देते हैं, ताकि नेटवर्क पर मैसेज ट्रांसफर के दौरान यह सुरक्षित रहे. डिक्रिप्शन एन्क्रिप्शन के विपरीत है, यह कुछ सुगम रूप में एन्क्रिप्टेड डेटा वापस परिवर्तन है.

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