ए. टी. एम. मशीन -ATM machine

ATM.

ए. टी. एम. आज से लगभग ६५ वर्ष पुराना है. लुथर जॉर्ज सीमजेन ने १९३९ मे अपने इस आविष्कार को बाजार मे उतरा लेकिन यह एक सफल मशीन नही थी. बाद में डन वेतजैल,(जो की डॉक्टेल कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट थे) ने अपनी कंपनी द्वारा बनाई गई आधुनिक ए. टी. एम. मशीन को १९६८ में बाज़ार में उतरा. यह माना जाता है की प्रथम ए. टी. एम. मशीन न्यूयॉर्क के केमिकल बैंक मे लगाई गई थी.

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आज ए. टी. एम. मशीन से न केवल खाते के धन को निकाला जा सकता है, अपितु विश्व के किसी भी कोने में रह कर अपने खाते की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है. आज के जमाने में ए. टी. एम. मशीन जीवन का एक अविभाज्य घतक बन गई है. ए. टी. एम. को परिचालित करने के लिए बॅंक द्वारा ख़ाता धारक को एक ए. टी. एम. कार्ड दिया जाता है. यह नंबर गोपनीय होता है. सामान्य तह कोई बैंक अपने बॅंक के ए. टी. एम. मशीन से राशि निकालने के लिए कोई कोई फिस नही लेते है. यह ए. टी. एम. २४ घंटे काम करती है. ए. टी. एम. में हम अपने चेक भी जमा कर सकते है. मास्टर कार्ड की मदत से हम शॉपिंग भी कर सकते है.

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